मध्यप्रदेश इंदौर में निजी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा रेसीडेंसी कोठी पर मीडिया से किसान बिल कोरोना वैक्सीन सहित ईवीएम मशीन सर्विस सवालिया निशान लगाए तो वही पीएम मोदी को नसीहत देते हुए कहा कि अपना अहंकार छोड़कर और उसे ऊपर उठकर जनता के लिए काम करें।
इंदौर@दीपक छाबड़ा
इंदौर में विधायक संजय शुक्ला सहित कई बीजेपी व कांग्रेस नेताओं के यहां पर मांगलिक कार्यक्रम में कई बड़े नेता शहर में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं इसी कड़ी में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह जी पहुंचे मांगलिक कार्यक्रम में पहुंचने से पहले उनके द्वारा रेसीडेंसी कोठी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए किसान बील सहित अन्य कई विषयों पर चर्चा की उनके द्वारा कहा गया कि किसान बिल पूरी तरह से किसानों के हित में नही है यह एक प्रकार से काला कानून है किसान बिल में कई ऐसे कानून है जिससे कि किसान पूरी तरह से कंगाल हो जाएगा और फिर से एक बार कालाबाजारी और जमाखोरी शुरू हो जाएगी केंद्र सरकार पूरी तरह से डब्लू टी ओ के दबाव में काम कर रही है और इसी दबाव के चलते वह किसान बिल लेकर आई है खैर पार्लियामेंट में बिल का विरोध किया जा रहा था तब राज्यसभा सांसदों द्वारा किया गया तो उन्हें राज्यसभा से निष्कासित करते हुए बाहर कर दिया गया था बिल लाने से पहले एक कमेटी बनाकर इसमें कई संशोधन किए जाने थे लेकिन किसान बिल में किसी की भी बात ना सुनते हुए इसे पारित कर देख कानूनी रूप दिया गया डब्ल्यूटीओ से 2015 मैं पीएम मोदी द्वारा समझौता करने के बाद तांता कमेटी का गठन करके कई बदलाव किए गए जो की पूरी तरह से किसान विरोधी हैं।
तो वही केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रही कोरोनावायरस वैक्सीन पर भी सवालिया निशान खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन पूरी तरह से निराधार है फार्मा कंपनियां अपनी हार के चलते तरह-तरह के रोजाना सही उपयोग कर रही है उन्होंने हरियाणा के मंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि मंत्री द्वारा शोहरत पाने के लिए सबसे पहले वैक्सिंग लगा ली गई और कुछ ही दिनों में हुआ कोरोना की चपेट में आ गए यह एक जीता जागता उदाहरण है तो किस आधार पर इस प्रकार की वैक्सीन पर भरोसा किया जा सके तो वही पिछले दिनों हुए उपचुनाव में ईवीएम मशीन पर सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि यह कैसे चुनाव हैं जिसमें मतदाता को एक ब्लैक पेपर भी नहीं मिलता उसने मतदान दिया है भारी मतों से हार के सवाल पर उनका कहना है कि यह हार उन्हें भी अचंभित करती है कि जिन नेताओं को गांव वालों ने घुसने तक नहीं दिया वह इतने भारी मतों से कैसे जीत गए खैर दिग्विजय सिंह राजनीति के एक मंजे हुए खिलाड़ी हैं और वह हर मुद्दे को बखूबी तरीके से भुनाना जानते हैं और किसान विरोधी बिल को लेकर कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी हुई है।


































