मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को किसानों की आय बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के लिए मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए…
भोपाल@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि अन्नदाता का कल्याण राज्य सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों से सीधे संवाद के लिए प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही कम पानी वाली फसलों, प्राकृतिक और जैविक खेती तथा फसल चक्र परिवर्तन के प्रति किसानों को जागरूक किया जाए।
बैठक में बताया गया कि किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल और ई-पासबुक सुविधा का शुभारंभ जुलाई माह में किया जाएगा। सहकारी समितियों की प्रक्रियाओं का भी डिजिटलीकरण किया जाएगा।
किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत प्रदेशभर में कई बड़े कृषि आयोजन भी प्रस्तावित हैं। खरगोन में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन के साथ कपास एवं मिर्च महोत्सव, इंदौर में सब्जी महोत्सव और एक्वाकल्चर मार्केटिंग सिम्पोजियम, बुरहानपुर में केला महोत्सव, जबलपुर में मत्स्य पालन और कुक्कुट पालन सम्मेलन, उज्जैन में हाईटेक नर्सरी कार्यशाला, नीमच में आधुनिक उद्यानिकी कार्यशाला तथा नरसिंहपुर में गन्ना महोत्सव आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत नस्ल की गाय उपलब्ध कराने और डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निजी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों को नई गति देकर किसानों की आय में वृद्धि करना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।






























