संभावित अल्प वर्षा को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को समन्वित तैयारी के निर्देश दिए हैं।
भोपाल@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री ने कहा कि संभावित अल्प वर्षा को संकट नहीं, बल्कि वैज्ञानिक खेती और बेहतर योजना के अवसर के रूप में लिया जाए। किसानों को ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, तुअर और कोदो-कुटकी जैसी कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही पर्याप्त नमी बनने के बाद ही बुआई करने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी जाएगी।
सरकार राज्य स्तरीय जल डैशबोर्ड तैयार करेगी, जिससे जलाशयों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित की जा सके। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए जल संरक्षण, जलापूर्ति, भूजल पुनर्भरण, तालाबों के जीर्णोद्धार और आकस्मिक जल संकट से निपटने की व्यापक कार्ययोजना भी बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की चुनौतियों से निपटने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही सोशल मीडिया और कृषि विशेषज्ञों के माध्यम से किसानों को लगातार जागरूक किया जाएगा।






























