मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को राजगढ़ में आयोजित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान-2026’ के समापन समारोह में कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश के बड़े राज्यों में अग्रणी बन चुका है। उन्होंने बताया कि 19 मार्च से 30 जून तक चले 100 दिवसीय अभियान के दौरान लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख 62 हजार से अधिक जल संरचनाओं का पुनरोद्धार किया गया है। इनमें कुएं, बावड़ियां, तालाब, नदियां, अमृत सरोवर और प्राचीन जल स्रोत शामिल हैं।
राजगढ़@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगढ़ जिला जल संरक्षण कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के छह प्रमुख जिलों में शामिल है। उन्होंने अभियान को जनभागीदारी का सफल उदाहरण बताते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है।
राजगढ़ को 352.65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात…
समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले को 352.65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान 247.40 करोड़ रुपये की लागत से 14 विकास कार्यों का भूमि-पूजन तथा लगभग 100 करोड़ रुपये के 17 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में जीरापुर स्थित सांदीपनि विद्यालय और 30 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल का भी लोकार्पण किया गया।
दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल, महिलाओं को स्कूटी और स्व-सहायता समूहों को सहायता…
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित की तथा महिलाओं को स्कूटी की चाबियां सौंपी। इसके साथ ही 405 स्व-सहायता समूहों को 20 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। राजगढ़ के पर्यटन विकास पर आधारित कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया।
‘जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं’…
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल पृथ्वी पर जीवन का आधार है और भारतीय संस्कृति में इसका विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पार्वती, चंबल, कालीसिंध और क्षिप्रा जैसी नदियां आगे चलकर गंगा से जुड़ती हैं, इसलिए इस अभियान का नाम ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ रखा गया। उन्होंने लोगों से वर्षा जल संचयन, तालाबों, नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कम वर्षा की आशंका, जल संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव से कम वर्षा की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रदेश में अमृत सरोवर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नदी संरक्षण जैसे कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि अभियान समाप्त हो सकता है, लेकिन जल बचाने का संकल्प लगातार जारी रहना चाहिए।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियां भी तेज..
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए सड़क, परिवहन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
सीएम की प्रमुख घोषणाएं…
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने द्वारिका योजना के तहत सारंगपुर, पचोर सहित राजगढ़ जिले की सभी नगरपालिकाओं में सड़क विकास कार्यों की घोषणा की। साथ ही भैंसवामाता लोक के निर्माण के लिए प्रस्ताव मंजूर करते हुए प्रथम चरण हेतु 20 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की।






























