मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित ‘सिंहस्थ 2016 का अनुभव, सिंहस्थ 2028 का संकल्प’ कार्यशाला में कहा कि सिंहस्थ-2028 को अब तक का सबसे भव्य, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक आयोजन बनाने की दिशा में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उज्जैन@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री ने कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस दौरान सिंहस्थ-2028 के लिए जारी अधोसंरचना विकास कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने पूर्व कुंभ आयोजनों के अनुभव साझा किए तथा आगामी सिंहस्थ की तैयारियों पर सुझाव दिए।
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि सिंहस्थ-2028 में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जबकि लगभग 4 करोड़ श्रद्धालु अमृत स्नान करेंगे। इस विशाल आयोजन को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में सड़कों का चौड़ीकरण, घाटों का विस्तार, यातायात प्रबंधन और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। क्षिप्रा नदी पर 22 नए पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे आवागमन अधिक सुगम होगा।
मुख्यमंत्री ने अपने पुराने सिंहस्थ अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि 1980 के दशक में वे स्काउट-गाइड के सदस्य के रूप में सेवा कार्यों से जुड़े थे और वर्ष 1992 के सिंहस्थ में भी आयोजन समिति का हिस्सा रहे। उन्होंने कहा कि इन अनुभवों से मिली सीख को सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में शामिल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं के ठहरने, स्नान, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं को पहले से अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। धर्मशालाओं, घाटों और यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र भी बन रही है। सरकार का लक्ष्य सिंहस्थ-2028 को ऐसा आयोजन बनाना है, जो श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार अनुभव साबित हो।






























