नगर में चहुओर फैले अतिक्रमण लेकर नगरवासी शिकायत कर रहे थे। नवागत कलेक्टर ने प्रभार सम्भालते। ही जिले में अतिक्रमण हटाने और शासकीय भूमि से कब्जा हटवाने का अभियान शुरू किया। नगर में अभियान चलाने के निर्देश मनावर एसडीएम राहुल चौहान ने स्थानीय अधिकारियों को दिए। लेकिन अतिक्रमण हटाने के नाम पर सिर्फ गरीब ठेले वालो के ठेले और पान की गुमटिया हटवाई गई।
धरमपुरी@जफर अली
नगर के मुख्य मार्गो पर अतिक्रमण पसरा हुआ है।अतिक्रमण हटाने की कार्रवाही जरूरी थी। लेकिन कार्रवाही के नाम पर स्थानीय अधिकारियो ने सिर्फ लीपा पोती करते रहे। स्थानीय लोगों की माने तो अधिकारी राजनीतिक दबाव में थे। अतिक्रमण के नाम पर केवल ठेले पर व्यापार करने वाले गरीब व्यापारियों को हटाते नजर आए। कई रसूकदार लोग शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किए हुए जिसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों के साथ जिला अधिकारियों को भी है ये सब किसी अधिकारी से छुपा नही है।लेकिन अब तक हुई अतिक्रमण की कार्रवाही हमेशा भेद भाव पूर्ण और शंका के घेरे में ही रही। नगर के मुख्य मार्ग बायपास से बस स्टेण्ड जाने वाले मार्ग पर भी अतिक्रमण पसरा हुआ है और दुकानों के सामने लोग वाहन भी पार्क करते है जिससे आये दिन वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिससे हमेशा विवाद की स्थति बनी रहती है। लेकिन इन अतिक्रमणकर्ताओं पर अब तक कोई कार्रवाही नही हुई है। स्थानीय अधिकारियों की जानकारी में होने के बावजूद भी अधिकारी इस और ध्यान देना ही नही दे रहे है। बड़े अतिक्रमणकर्ताओं पर प्रशासन कार्रवाही करने से हमेशा हिचकिचाता रहा है। फ़िलहाल ये आधी अधूरी कार्रवाही नगर में चर्चा में बनी हुई है। लोग इस अधूरी कार्यवाहि का विरोध भी कर रहे है।अब देखना ये है कि अधिकारी नगर को अतिक्रमण मुक्त करवा पाते है। या प्रशासन कोई ठोस कार्यवाही कर आम जनता की परेशानियों को हल करवाकर निजाद दिलवाएगा। गौरतलब है कि करोड़ो की शासकीय भूमि पर दबंग लोग कब्जा जमाए है। जिनको दशकों से प्रशासन हटाने में नाकाम साबित हुआ है।






























